रवीश कुमार ने क्यों लिखा पठान को पत्र

रवीश कुमार ने क्यों लिखा पठान को पत्र, आज की ताज़ा ख़बर 

प्रिय पठान, 

पता चला कि तुम ज़िंदा हो। दुबई में नहीं,बठिंडा हो। अब जब ज़िंदा हो तो एक काम करो। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पढ़ो और पर्दे पर आकर समझाओ कि इसमें अदाणी ग्रुप के बारे में क्या लिखा है, हम सब EMI दे रहे हैं तो अदाणी जी ने लोन लेकर कौन सा गुनाह कर दिया है? इस रिपोर्ट के कारण शेयर बाज़ार में कंपनी के शेयरों के भाव क्यों गिर गए? मीडिया रिपोर्ट है कि ग्यारह अरब डॉलर उड़ गए। पठान, मैंने तुम्हारे मिशन का नाम दिया है, ‘सुपर हिट अदाणी’। याद रखना पड़ोसी के चैनल में इंटरव्यू तुम्हारा नहीं, उनका होगा। 

पठान, मुझे लगा कि मैं ही वीडियो बनाने लगा हूँ, इधर तो ग्रुप का सीएफ़ओ भी वीडियो बना रहा है। ट्विटर पर मैंने वीडियो देखा है, जिसमें सीएफ़ओ प्रधानमंत्री की तरह तिरंगा के बगल में खड़ा है। देशभक्ति अभी ज़िंदा है पठान! अदाणी ग्रुप के सी एफ ओ ने खंडन कर दिया है, कहा है कि एकतरफ़ा रिपोर्ट है और कंपनी को बदनाम करने के लिए प्रकाशित किया गया है। अदाणी ग्रुप पेशेवर कंपनी है और इसे दुनिया भर के निवेशकों का हिस्सा हासिल है। फिर ये ऑफशोर कंपनी क्या चीज़ है, कंपनी में परिवारवाद क्या है? 

पठान, तुम जल्दी भारत आओ और हिंडनबर्ग की रिपोर्ट का पता लगाओ। अगर तुम्हारे हेलिकॉप्टर में तेल नहीं है तो पास में अंबानी जी का पेट्रोल पंप होगा, वहाँ से भरा लो। मैं UPI से पेमेंट कर दूँगा। ध्यान रहे,जैसा मैं कह रहा हूँ, वैसा करना पड़ेगा। भारत की इतनी बड़ी कंपनी को कौन बदनाम कर रहा है? गौतम अदाणी तो रजत शर्मा के साथ इंटरव्यू में होंगे लेकिन विनोद अदाणी फ़्री होंगे। उनसे मिलो और जवाब लाओ। भारत को बचाओ। 

सीएफ़ओ तिरंगे के साथ खड़ा है और जो तिरंगे के साथ खड़ा होता है वो केवल CFO नहीं होता, देशभक्त भी होता है। रेफरेंस के लिए उस हैंडसम का वीडियो देख लेना। लगता है कंपनी ने मार्केट से सारे टेलिप्रीम्टर ख़रीद लिए हैं। और हाँ हिंडनबर्ग की सारी रिपोर्ट हिन्दी में छपवा दो ताकि जनता को पता चले कि भारत के साथ षड्यंत्र हो रहा है और तुम इसे सफल नहीं होने दोगे। 

मेरे पास तुम्हारी भी डील की फाइल मौजूद है। एक तरफ़ फ़िल्म का बहिष्कार और फिर आराम से प्रदर्शन भी ! अगर चाहते हो कि पर्दा रहे तो हिंडनबर्ग की फाइल लेकर आ जाओ। मैं तुम्हें दिल्ली के आश्रम जाम में फँसे एक ट्रक की छत पर मिलूँगा। हिंडनबर्ग का हम बर्गर बना देंगे।

मिलते हैं पठान। मैं भी ज़िंदा हूँ । और हाँ मेरे यू ट्यूब चैनल ravish kumar official को सब्सक्राइब कर लेना। वो ज़्यादा ज़रूरी है। लेट्स बिगिन । 

तुम्हारा 

रवीश कुमार

नोट- मीम आश्रम जाम वाले प्रसंग से प्रेरित है। किसी रोहित ने बनाया है जो मोरबी में रहते हैं !

Copied from RavishKumar wall…

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