सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) पाकिस्तान भेजेगी एक प्रतिनिधिमण्डल
नई दिल्ली:पहलगाम पर आंतकी हमले के बाद भारत पाकिस्तान युद्ध हुआ और शीघ्र ही युद्ध विराम भी हो गया। भारत सरकार ने डोनाल्ड ट्रम्प की इस बात को नकारा कि उन्होंने भारत पाकिस्तान के बीच सम्भावित नाभिकीय युद्ध रुकवाया और कहा कि मामला द्विपक्षीय है और ट्रम्प इसमें हस्तक्षेप न करें। किंतु जब प्रतिनिधिमण्डल विदेश भेजे गए तो पाकिस्तान व चीन छोड़ कर दुनिया के तमाम देशों में गए। ये सात प्रतिनिधिमण्डल देशों को समझाने गए थे कि पाकिस्तान आतंकवाद का प्रायोजक है। किंतु दुनिया के देश इस बात को मानने को तैयार नहीं है। उनका मानना है कि पाकिस्तान खुद आतंकवाद से पीड़ित है।
पाकिस्तान को 2025 के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद की आतंकवाद विरोधी समिति का अपाध्यक्ष बनाया गया है। उसको अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष से 100 करोड़ डाॅलर का ऋण भी मिल गया है। 2011 में अमरीका ने अपने यहां हुई बड़ी आतंकवादी घटना के दस वर्ष बाद ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में मारा किंतु उसने कभी यह नहीं कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद को संरक्षण देता है अथवा उसने पाकिस्तान पर हमला नहीं किया। यह सोचने वाला विषय है।
सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) मानती है कि यदि मामला द्विपक्षीय है तो हमें सीधे पाकिस्तान से ही बात करनी पड़ेगी और आपसी मामले सुलझाने होंगे। चीन ने भी हमारे 20 सैनिकों को 2020 में मारा। किंतु चीन के साथ हम बातचीत भी करते हैं और हमारा व्यापार दिन प्रति दिन बढ़ता जा रहा है। यदि भारत सरकार प्रतिनिधिमण्डल पाकिस्तान नहीं भेजेगी तो सोशलिस्ट पाटी (इण्डिया) का एक 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल वहां की सरकार व नागरिक समाज से बातचीत करने जाएगा। हमने पाकितान के प्रधान मंत्री से वीसा की मांग की है और भारत सरकार के गृह मंत्रालय से वाघा सीमा पार करने की अनुमति मांगी है।
सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल ने 25-30 मई जम्मू-कश्मीर के युद्ध प्रभावित जिलों – राजौरी, पुंछ व उड़ी का दौरा किया। जो लोग मारे गए उनके परिवार के सदस्यों की यह शिकायत रही के यदि उन्हें मालूम होता कि 7 मई से युद्ध शुरू होने जा रहा है तो वे इलाका खाली कर सुरक्षित जगहों पर चले जाते और उनके परिवार के सदस्यों की जान बच जाती।
21-25 जून सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) ने श्रीनगर में समाजवाद की पाठशाला आयोजित की जिसके आखिरी दिन कार्यकर्ताओं को बैठक में भारत फिलीस्तीन एकजुुटता मंच का बिना अनुमति बैनर लगाने के आरोप में मैसुमा थाने पर बैठाया गया। स्थानीय कार्यकर्ता और पीपुल्स् डेमोक्रेटिक पार्टी के महासचिव शहनवाज मीर को करीब 24 घंटे थाने पर बैठाया गया। उनको पुलिस अधीक्षक तक को सफाई देनी पड़ी और उनसे अगले दिन नायब तहसीलदार के यहां एक कागज पर दस्तखत कराए गए। हम शहनवाज मीर को परेशान किए जाने, कश्मीरी लोगों का रोजाना उत्पीड़न किए जाने और फिलीस्तीन की जनता द्वारा लगातार झेले जा रहे इजराइल के अत्याचार की भत्र्सना करते हैं और अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक संघर्ष करने वालों के साथ खड़े हैं।
पाकिस्तान को 2025 के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद की आतंकवाद विरोधी समिति का अपाध्यक्ष बनाया गया है। उसको अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष से 100 करोड़ डाॅलर का ऋण भी मिल गया है। 2011 में अमरीका ने अपने यहां हुई बड़ी आतंकवादी घटना के दस वर्ष बाद ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में मारा किंतु उसने कभी यह नहीं कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद को संरक्षण देता है अथवा उसने पाकिस्तान पर हमला नहीं किया। यह सोचने वाला विषय है।
सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) मानती है कि यदि मामला द्विपक्षीय है तो हमें सीधे पाकिस्तान से ही बात करनी पड़ेगी और आपसी मामले सुलझाने होंगे। चीन ने भी हमारे 20 सैनिकों को 2020 में मारा। किंतु चीन के साथ हम बातचीत भी करते हैं और हमारा व्यापार दिन प्रति दिन बढ़ता जा रहा है। यदि भारत सरकार प्रतिनिधिमण्डल पाकिस्तान नहीं भेजेगी तो सोशलिस्ट पाटी (इण्डिया) का एक 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल वहां की सरकार व नागरिक समाज से बातचीत करने जाएगा। हमने पाकितान के प्रधान मंत्री से वीसा की मांग की है और भारत सरकार के गृह मंत्रालय से वाघा सीमा पार करने की अनुमति मांगी है।
सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल ने 25-30 मई जम्मू-कश्मीर के युद्ध प्रभावित जिलों – राजौरी, पुंछ व उड़ी का दौरा किया। जो लोग मारे गए उनके परिवार के सदस्यों की यह शिकायत रही के यदि उन्हें मालूम होता कि 7 मई से युद्ध शुरू होने जा रहा है तो वे इलाका खाली कर सुरक्षित जगहों पर चले जाते और उनके परिवार के सदस्यों की जान बच जाती।
21-25 जून सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) ने श्रीनगर में समाजवाद की पाठशाला आयोजित की जिसके आखिरी दिन कार्यकर्ताओं को बैठक में भारत फिलीस्तीन एकजुुटता मंच का बिना अनुमति बैनर लगाने के आरोप में मैसुमा थाने पर बैठाया गया। स्थानीय कार्यकर्ता और पीपुल्स् डेमोक्रेटिक पार्टी के महासचिव शहनवाज मीर को करीब 24 घंटे थाने पर बैठाया गया। उनको पुलिस अधीक्षक तक को सफाई देनी पड़ी और उनसे अगले दिन नायब तहसीलदार के यहां एक कागज पर दस्तखत कराए गए। हम शहनवाज मीर को परेशान किए जाने, कश्मीरी लोगों का रोजाना उत्पीड़न किए जाने और फिलीस्तीन की जनता द्वारा लगातार झेले जा रहे इजराइल के अत्याचार की भत्र्सना करते हैं और अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक संघर्ष करने वालों के साथ खड़े हैं।
