पसमांदा विकास फाउंडेशन द्वारा मदरसों के छात्रों के लिए सम्मान समारोह का आयोजन
नई दिल्ली:
पसमांदा विकास फाउंडेशन और दीनी तालीमी बोर्ड, जमीयत उलमा सूबा दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में दिल्ली में एक रूहानी और पाक माहौल में एक यादगार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में उन छात्रों और छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिन्होंने नज़रा-ए-क़ुरआन मजीद मुकम्मल किया और पाँच वर्षीय प्रारंभिक दीनी पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा किया।
इस कार्यक्रम में कई सम्मानित हस्तियों ने शिरकत की, जिनमें जनाब मोहम्मद मेराज राईन (डायरेक्टर, पसमांदा विकास फाउंडेशन), मौलाना जाहिद आलम मजाहिरी (अध्यक्ष, उलमा टीम), मौलाना असजद अदनान नदवी (सहायक, उलमा टीम), जनाब सैयद फर्रूख़ सेर,सदस्य, गाइडेंस बोर्ड), जनाब अशरफ साहब (सदस्य, फाउंडेशन), मोहतरमा निकहत परवीन (डायरेक्टर, फाउंडेशन) और मोहतरमा हुसैन फातिमा (सदस्य, फाउंडेशन) शामिल थे। इन सभी मेहमानों ने छात्रों की शैक्षणिक उपलब्धियों पर उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ व्यक्त कीं।
इस अवसर पर अपने संबोधन में जनाब मोहम्मद मेराज राईन ने कहा कि शिक्षा ही कौमों की तरक्की की सीढ़ी है। हम दीनी और आधुनिक शिक्षा को आम करना अपनी पहली प्राथमिकता मानते हैं, क्योंकि पिछड़े तबकों को राष्ट्रीय मुख्यधारा में लाने का सबसे प्रभावशाली माध्यम शिक्षा ही है।
उन्होंने आगे कहा कि बिना दीनी इल्म के न तो किसी व्यक्ति का सुधार संभव है और न ही समाज की भलाई। ऐसे सम्मान समारोह और प्रशिक्षण कार्यक्रमों से न केवल छात्रों का उत्साह बढ़ता है, बल्कि समाज को भी एक सकारात्मक और रचनात्मक संदेश प्राप्त होता है।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल छात्रों को उनकी शैक्षणिक सफलता के लिए सराहना देना नहीं था, बल्कि मिल्लत के इन नन्हें ज़ेहनों को शैक्षणिक और नैतिक मार्गदर्शन प्रदान करना भी था, ताकि वे भविष्य में एक समझदार, शिक्षित और चरित्रवान समाज का निर्माण कर सकें।
इस समारोह में विभिन्न मदरसों और मकतबों के शिक्षकों, अभिभावकों और अन्य सम्माननीय मेहमानों ने भी भाग लिया।
सभी प्रतिभागियों ने इस प्रयास की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि पसमांदा विकास फाउंडेशन भविष्य में भी इसी प्रकार के लाभकारी और प्रभावी शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा, ताकि पिछड़े तबकों के बच्चे भी ज्ञान की रौशनी से लाभान्वित हों और एक सम्मानजनक जीवन जी सकें।
पसमांदा विकास फाउंडेशन ने दीनी तालीमी बोर्ड और जमीयत उलमा-ए-हिंद का दिल से शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि हमें अपने विचारों और जज़्बातों को व्यक्त करने का अवसर प्राप्त हुआ।
