मेरा उद्देश्य मज़बूत, पारदर्शी और सशक्त बार काउंसिल की स्थापना है: शाहिद अली एडवोकेट

मेरा उद्देश्य मज़बूत, पारदर्शी और सशक्त बार काउंसिल की स्थापना है: शाहिद अली एडवोकेट

नेहरू गेस्ट हाउस, जामिया मिल्लिया इस्लामिया में वकीलों की गरिमामय बैठक आयोजित

नई दिल्ली: नेहरू गेस्ट हाउस, जामिया मिल्लिया इस्लामिया में वकीलों की एक गरिमामय बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिवक्ताओं ने भाग लिया। इस अवसर पर दिल्ली बार काउंसिल के उम्मीदवार शाहिद अली एडवोकेट ने अपने चुनावी घोषणा-पत्र और भविष्य की कार्ययोजना का विस्तार से प्रस्तुतीकरण किया।

शाहिद अली एडवोकेट ने कहा कि उनका उद्देश्य ऐसी मज़बूत, पारदर्शी और सशक्त बार काउंसिल की स्थापना करना है, जो प्रत्येक वकील के सम्मान, सुरक्षा और पेशेवर स्वतंत्रता को सुनिश्चित करे। उन्होंने जोर देकर कहा कि बार काउंसिल को वकीलों की समस्याओं के समाधान का वास्तविक मंच बनाया जाएगा, न कि केवल एक औपचारिक संस्था।

उन्होंने घोषणा की कि निर्वाचित होने की स्थिति में नए वकीलों को प्रारंभिक तीन वर्षों तक मासिक आर्थिक सहायता प्रदान करने का गंभीर प्रयास किया जाएगा, ताकि वे आर्थिक दबाव से मुक्त होकर अपने करियर पर ध्यान केंद्रित कर सकें। साथ ही 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ वकीलों के लिए सम्मानजनक मानदेय योजना शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा गया।

शाहिद अली ने एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन, वकीलों के खिलाफ उत्पीड़न और झूठे मुकदमों की रोकथाम, तथा त्वरित कानूनी सहायता प्रणाली की स्थापना को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने वेलफेयर फंड में पारदर्शिता, आपातकालीन आर्थिक सहायता, तथा डिजिटल सुविधाओं जैसे ऑनलाइन लीगल डेटाबेस, ई-फाइलिंग प्रशिक्षण और मेंटरशिप कार्यक्रम शुरू करने का भी वादा किया।

कार्यक्रम में उपस्थित वकीलों ने उनके दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि बार काउंसिल को सक्रिय और जवाबदेह बनाना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। अपने संबोधन के अंत में शाहिद अली एडवोकेट ने कहा कि एकजुट और जागरूक वकील समुदाय ही न्याय व्यवस्था को मजबूत बना सकता है, और वे इसी उद्देश्य से चुनावी मैदान में उतरे हैं।

We need your help to spread this, Please Share

Related posts

Leave a Comment