पसमांदा विकास फाउंडेशन द्वारा मदरसा की 85 छात्राओं को सम्मानित किया गया
फिरोज़पुर झिरका (मेवात,हरियाणा):
पसमांदा विकास फाउंडेशन की ओर से नूंह ज़िले के मदरसा अल-आफिया लिल-बनात (फिरोज़पुर डहर, नगीना, फिरोज़पुर झिरका) में एक प्रेरणादायक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सालाना परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली सात कक्षाओं की 21 छात्राओं को अवार्ड प्रदान किए गए, जबकि परीक्षा में शामिल सभी 64 छात्राओं को उनकी हौसला-अफ़ज़ाई के लिए मेडल देकर सम्मानित किया गया। इस प्रकार कुल 85 छात्राओं को प्रोत्साहित किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को दीनी तालीम के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा की ओर भी प्रेरित करना था, ताकि वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में सकारात्मक भूमिका निभा सकें।
पसमांदा विकास फाउंडेशन की महिला डायरेक्टर निकहत परवीन ने इस अवसर पर बताया कि कुछ माह पूर्व संस्था की ओर से “शिक्षा एवं जागरूकता अभियान (मुहिम: मदरसों में आधुनिक शिक्षा)” के अंतर्गत इसी मदरसे की 30 छात्राओं को तालीमी किट वितरित की गई थी। इस किट में बैग, अंग्रेज़ी, हिन्दी, गणित और उर्दू की रीडिंग व राइटिंग किताबें, पेंसिल, रबर, शार्पनर आदि आवश्यक शैक्षणिक सामग्री शामिल थी। इसका उद्देश्य यह था कि क़ौम के बच्चे-बच्चियाँ धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक ज्ञान भी प्राप्त कर सकें।
अपने संबोधन में निकहत परवीन ने कहा कि मदरसों में आधुनिक शिक्षा को शामिल करने से छात्रों को नवीन ज्ञान और व्यावहारिक कौशल प्राप्त होते हैं, जो उन्हें भविष्य में सफल बनने में मदद करते हैं। आधुनिक शिक्षा से रोजगार के अवसर बढ़ते हैं, जिससे छात्रों का आर्थिक भविष्य सुरक्षित हो सकता है। साथ ही, इससे सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विविधता और व्यक्तिगत विकास को भी बढ़ावा मिलता है, जिससे छात्र अपने जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सक्षम होते हैं।
महिलाओं की शिक्षा पर विशेष ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाती है और उन्हें अपने जीवन से जुड़े निर्णय स्वयं लेने की क्षमता देती है। शिक्षित महिलाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलते हैं, जिससे वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकती हैं। शिक्षा से महिलाओं की सामाजिक स्थिति में सुधार होता है, वे समाज में सम्मान प्राप्त करती हैं और स्वास्थ्य, परिवार नियोजन जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों से भी सशक्त होती हैं। शिक्षित महिलाएँ समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में अहम भूमिका निभाती हैं और देश-समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
